सेंटर मालिकों और संचालकों के लिए

अपने ज़िले का सबसे भरोसेमंद ड्राइविंग स्कूल चलाइए

डिजीचालक ड्राइविंग स्कूल को मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बना देता है — सेंसर, सॉफ़्टवेयर और सरकारी काग़ज़ात, सब एक साथ। आप एडमिशन पर ध्यान दीजिए; प्लेटफ़ॉर्म आपको कंप्लायंट, मुनाफ़े में और शक से परे रखता है।

  • नियम 31B–31J की प्रक्रियाएँ बिल्ट-इन
  • IDTS-स्तर की ऑटोमैटिक टेस्टिंग
  • एक क्लिक में सरप्राइज़-ऑडिट पैक
  • मल्टी-सेंटर के लिए तैयार
पहले / अब

रजिस्टर और फोटोकॉपी का ज़माना यहीं ख़त्म

नियम ADTC पर जो-जो ज़िम्मेदारियाँ डालते हैं, डिजीचालक उन्हें अपने-आप निभाता है। पहले ही दिन से क्या बदलता है, देखिए।

आज सेंटर चलाना
डिजीचालक पर चलाना
काग़ज़ी हाज़िरी रजिस्टर, घंटों पर विवाद
आधार बायोमेट्रिक हाज़िरी; 85% की शर्त अपने-आप लागू
परीक्षक के हाथ का स्कोर, सिफ़ारिश की शिकायतें
सेंसर + कैमरा स्कोरिंग; QR-सत्यापित स्कोरशीट से विवाद ख़त्म
फॉर्म 5B / 14 / 15 हाथ से टाइप और फ़ाइल
हर सरकारी फॉर्म अपने-आप तैयार, साइन और सुरक्षित
हर ऑडिट और नवीनीकरण से पहले घबराहट
ऑडिट पैक — सारे छह दस्तावेज़ — किसी भी दिन एक क्लिक में
सिलेबस से भटकाव, नियम 31G के सस्पेंशन का ख़तरा
नियम 31J की घंटा-ट्रैकिंग — ट्रेनिंग असली हो, तभी सर्टिफिकेट
नक़द फीस, लीक होती वसूली
UPI वसूली — हर कैंडिडेट की रसीद का मिलान अपने-आप
कंप्लायंस, नियम-दर-नियम

मान्यता की चेकलिस्ट ही हमारी फ़ीचर लिस्ट है

नियम 31B(3) परिवहन प्राधिकरण को ठीक-ठीक बताता है कि क्या जाँचना है। डिजीचालक हर आइटम को चालू सिस्टम की तरह देता है — ब्रोशर का वादा नहीं।

नियम 31B(3)(h)

बायोमेट्रिक हाज़िरी सिस्टम

गेट पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक इन/आउट, फॉर्म 15 डेली लॉग से जुड़ा

नियम 31B(3)(h)

रियल-टाइम मूल्यांकन और ऑनलाइन रिकॉर्ड

IDTS ट्रैक स्कोरिंग इंजन + क्लाउड रिकॉर्ड पोर्टल, हर टेस्ट में लाइव

नियम 31B(3)(h)

ई-पेमेंट सुविधा

UPI / कार्ड वसूली, ऑटोमैटिक रसीद और रोज़नामचा

नियम 31E(i)

ट्रेनी का इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर (फॉर्म 14)

अपने-आप मेंटेन — वर्णक्रम में, साल-वार — जब चाहें एक्सपोर्ट

नियम 31E(iii)

कोर्स पूर्णता प्रमाणपत्र (फॉर्म 5B)

पास होते ही जारी — QR सत्यापन और डिजिलॉकर डिलीवरी के साथ

नियम 31E(vii)

दैनिक ड्राइविंग-घंटा लॉग (फॉर्म 15)

बायोमेट्रिक + गाड़ी की टेलीमेट्री से हर ट्रेनी के सेशन घंटे

नियम 31J

हर वाहन वर्ग का निर्धारित सिलेबस

29 घं. LMV / 38 घं. HMV / टू-व्हीलर ट्रैक, सिम्युलेटर मॉड्यूल, घंटा-गेटेड

नियम 31F

ऑडिट और 5 साल रिकॉर्ड संरक्षण

हैश-चेन एविडेंस वॉल्ट; पूरा ऑडिट पैक एक एक्सपोर्ट में

मान्यता स्वयं आपका राज्य परिवहन प्राधिकरण फॉर्म 11A में देता है। डिजीचालक आपका इन्फ्रास्ट्रक्चर, सबूत और फाइलिंग (फॉर्म 12A/13A) तैयार करता है, ताकि निरीक्षण में सब कुछ दुरुस्त मिले।

साइट से सर्टिफिकेट तक

पूरी तरह ऑटोमैटिक सेंटर — पाँच कदमों में

डिजीचालक की तैनाती दिनों में गिनी जाती है, महीनों में नहीं — ट्रैक इंस्ट्रुमेंटेशन समेत।

  1. 01

    साइट सर्वे और ट्रैक प्लान

    आपकी ज़मीन को निर्धारित ट्रैक ज्यामिति — सर्पेंटाइन, 8-आकार, ग्रेडिएंट, रिवर्स-S, पार्किंग — से मिलाकर सिविल-वर्क ड्रॉइंग और सेंसर व कैमरा प्लेसमेंट प्लान बनता है।
  2. 02

    सिविल वर्क और किट इंस्टॉलेशन

    ज़रूरत हो तो ट्रैक भी हमारी टीमें ही बनाती हैं — सरफेसिंग, ग्रेडिएंट रैंप, मार्किंग, मैन्युवर बे — फिर कैमरे, RFID, RTK-GNSS बेस, ग्रेडिएंट व पार्किंग सेंसर, बूम बैरियर और इन-कैबिन प्रॉक्टर किट फिट और कैलिब्रेट होते हैं। एक ही वेंडर — ज़मीन से लॉन्च तक।
  3. 03

    सॉफ़्टवेयर गो-लाइव

    क्लाउड डैशबोर्ड पर आपका सेंटर, कोर्स, गाड़ियाँ और इंस्ट्रक्टर सेट होते हैं। स्टाफ़ की ट्रेनिंग एक दिन में — इसे ग़ैर-तकनीकी लोगों के लिए ही बनाया गया है।
  4. 04

    गोल्डन-रन स्वीकृति

    रेफ़रेंस ड्राइव हर ज़ोन की स्कोरिंग को ज़मीनी सच से मिलाती हैं — अंत में साइन किया हुआ एक्सेप्टेंस रिपोर्ट, जो आप प्राधिकरण को दिखा सकते हैं।
  5. 05

    मान्यता और संचालन

    हम फॉर्म 12A आवेदन के सबूत जोड़ते हैं। फॉर्म 11A मिलते ही बैच, टेस्ट और फॉर्म 5B ऑटोपायलट पर — नवीनीकरण की याद सालों पहले से।
बॉक्स में क्या है

एक किट। दिशानिर्देशों में लिखा हर सेंसर।

हार्डवेयर आपके टियर के हिसाब से — कॉम्पैक्ट DTC किट से पूर्ण IDTR इंस्टॉलेशन तक — सब एक ही सॉफ़्टवेयर से चलता है।

ट्रैक पर और गाड़ी में

  • हर मैन्युवर ज़ोन पर AI कैमरे
  • RTK-GNSS पोज़िशनिंग (सेंटीमीटर-स्तर)
  • RFID व्हीकल टैगिंग और ज़ोन सीक्वेंसिंग
  • ग्रेडिएंट रोलबैक + पार्किंग अल्ट्रासोनिक सेंसर
  • ज़ोन इंटरलॉक वाले बूम बैरियर
  • इन-कैबिन प्रॉक्टर कैमरा किट (किसी भी कार में)
  • गियर व स्पीड एनालिटिक्स के लिए OBD-II टेलीमेट्री
  • बायोमेट्रिक हाज़िरी टर्मिनल

क्लाउड में

  • लाइव ट्रैक मैप — हर गाड़ी की पोज़िशन, रियल-टाइम में
  • लाइव टेस्ट मॉनिटर और स्कोरिंग इंजन
  • सारथी/VAHAN जाँच के साथ कैंडिडेट रजिस्ट्री
  • नियम 31J सिलेबस व सिम्युलेटर घंटा ट्रैकिंग
  • सरकारी फॉर्म: 5B, 14, 15, 12A, 13A
  • 5 साल संरक्षण वाला एविडेंस वॉल्ट
  • थ्योरी टेस्ट इंजन — 1,183 द्विभाषी प्रश्न
  • भुगतान, रसीदें और WhatsApp सूचनाएँ
  • मल्टी-सेंटर व राज्य-प्राधिकरण डैशबोर्ड
ट्रैक पहले से बना है?

ट्रैक बन चुका है। अब उसे ख़ुद चलने दीजिए।

कई सेंटरों के पास सिविल वर्क और कैमरे पहले से हैं — किसी ठेकेदार ने ट्रैक बनाया, चाबी सौंपी और आगे बढ़ गया। हैंडओवर के साथ जो आम तौर पर नहीं आता, वह है रोज़ चलाने वाली परत: हाज़िरी, सिलेबस के घंटे, फॉर्म, सबूत, ऑडिट। डिजीचालक किसी एक वेंडर से बँधा नहीं है — जो आपके पास पहले से है, उसी पर बैठ जाता है।

01

कोटेशन से पहले ऑडिट

संगत IP कैमरे, RFID रीडर और बायोमेट्रिक टर्मिनल जहाँ हैं वहीं रहते हैं। सर्वे लिखकर बताता है कि क्या दोबारा इस्तेमाल हो सकता है और क्या सचमुच नहीं।

02

वह कंप्लायंस परत, जो कोई नहीं सौंपता

नियम 31J सिलेबस ट्रैकिंग, 85% बायोमेट्रिक हाज़िरी गेट, फॉर्म 5B / 14 / 15 अपने-आप बनकर साइन, और 5 साल का हैश-चेन सबूत। ऑडिट यहीं जीते या हारे जाते हैं।

03

मिले-जुले हार्डवेयर पर एक डैशबोर्ड

सेंसर किसी और के, कैमरे किसी और के, सिम्युलेटर तीसरे का — सब एक ही सेंटर व्यू में आते हैं, तीन अलग कंसोल में नहीं।

04

तोड़-फोड़ की ज़रूरत नहीं

आप अपना ट्रैक दो बार नहीं ख़रीद रहे। अगर ज्यामिति तय लेआउट पर पहले से खरी उतरती है, तो हम बस बची हुई जगहें इंस्ट्रुमेंट करते हैं, बाक़ी को हाथ नहीं लगाते।

किसी और ने बनाया है, या अभी बन ही रहा है? यह सामान्य बात है, अड़चन नहीं — सर्वे में ड्रॉइंग साथ ले आइए।

बिज़नेस का गणित

कंप्लायंस लाइसेंस है; थ्रूपुट मुनाफ़ा है

ऑटोमैटिक मूल्यांकन ट्रेनिंग सेंटर की पूरी अर्थव्यवस्था बदल देता है।

हर ट्रैक-दिन ज़्यादा टेस्ट

परीक्षक की अड़चन नहीं: टेस्ट लगातार चलते हैं और स्कोर अपने-आप बनता है — एक ही ट्रैक आज से कई गुना कैंडिडेट सँभालता है।

फॉर्म 5B ही आपका प्रोडक्ट है

जो सर्टिफिकेट RTO का ड्राइविंग टेस्ट माफ़ कराता है, वही वजह है कि कैंडिडेट बगल के स्कूल की बजाय ADTC चुनते हैं — और उसके लिए प्रीमियम देते हैं।

कंप्लायंस का कोई झटका नहीं

नियम 31G का सस्पेंशन अक्सर रिकॉर्ड की कमी से शुरू होता है। जब रजिस्टर, घंटे और सबूत अपने-आप बनते हैं, नवीनीकरण औपचारिकता रह जाता है।

साख बढ़ती जाती है

कैमरे से स्कोर हुआ टेस्ट ख़रीदा नहीं जा सकता। जहाँ धंधा मुँहज़ुबानी चलता है, वहाँ 'ईमानदार सेंटर' से मज़बूत पहचान कोई नहीं।

नया सेंटर खोल रहे हैं? MoRTH की योजनाओं में ड्राइवर ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्रीय सहायता मिलती रही है (2025 दिशानिर्देशों में ज़िला ट्रेनिंग सेंटर के लिए ₹2.5 करोड़ तक)। साइट सर्वे के दौरान हम आपके राज्य में अभी क्या खुला है, यह जाँचने में मदद करेंगे।

राज्य प्राधिकरणों और फ्लीट के लिए

निगरानी, जो एक सेंटर से आगे जाती है

डिजीचालक का अथॉरिटी पोर्टल परिवहन विभाग को राज्य के हर मान्यता प्राप्त सेंटर की लाइव तस्वीर देता है — और बड़े फ्लीट ऑपरेटरों को ड्राइवर तैयारी का एक ही व्यू।

  • ऑडिट ट्रेल के साथ मल्टी-सेंटर कंप्लायंस स्कोरबोर्ड
  • वीडियो सबूत के दम पर शिकायत निवारण
  • जारी रिकॉर्ड से डिजिटल फॉर्म 5B सत्यापन
  • कुल पास-रेट और इंटीग्रिटी एनालिटिक्स

मालिकों के सवाल, सीधे जवाब

क्या डिजीचालक इस्तेमाल करने के लिए पहले से मान्यता ज़रूरी है?
नहीं। हमारी ज़्यादातर बातचीत मान्यता से पहले शुरू होती है। हम नियम 31B(3) वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाते हैं, गोल्डन-रन वैलिडेशन चलाते हैं, और राज्य परिवहन प्राधिकरण को देने के लिए आपके फॉर्म 12A आवेदन के सबूत तैयार करते हैं।
हार्डवेयर की लागत कितनी है?
यह आपके टियर और मौजूदा ट्रैक पर निर्भर करता है। कॉम्पैक्ट DTC किट और पूर्ण IDTR इंस्टॉलेशन अलग-अलग चीज़ें हैं। शुरुआत साइट सर्वे से होती है — टियर की रेंज प्राइसिंग पेज पर देखें, पक्के कोटेशन के लिए सर्वे बुक करें।
इंटरनेट चला जाए तो क्या होगा?
टेस्टिंग चलती रहती है। सेंटर की एज यूनिट लोकल स्कोरिंग करती है और सब कुछ — वीडियो, टेलीमेट्री, फॉर्म — कतार में रखती है; कनेक्टिविटी लौटते ही सिंक। कमज़ोर इंटरनेट हमारी डिज़ाइन की बुनियादी धारणा है, अपवाद नहीं।
क्या यह मेरा मौजूदा (ग़ैर-ADTC) ड्राइविंग स्कूल भी चला सकता है?
हाँ। बैच, हाज़िरी, भुगतान, थ्योरी टेस्ट और प्रगति ट्रैकिंग किसी भी ड्राइविंग स्कूल में आज से काम करती है — और जब आप अपग्रेड के लिए तैयार हों, वही सिस्टम आपको मान्यता तक ले जाता है।
डेटा का मालिक कौन है?
आप — सरकारी संरक्षण नियमों (ट्रेनिंग रिकॉर्ड 5 साल) के पालन के साथ। कैंडिडेट का निजी डेटा भारत के DPDP क़ानून के मुताबिक़ रहता है — एन्क्रिप्टेड, एक्सेस-लॉग्ड, और क़ानून की इजाज़त पर मिटाने योग्य।

अपना सेंटर डिजीचालक पर चलता देखिए

30 मिनट के डेमो में डैशबोर्ड, ट्रैक किट और आपकी साइट के लिए मान्यता का रास्ता — सब शामिल। कोई बाध्यता नहीं — अपना सबसे मुश्किल कंप्लायंस सवाल लेकर आइए।