MoRTH ADTC ढाँचे के लिए निर्मित · CMVR नियम 31B–31J

भारत के ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटरों का ऑपरेटिंग सिस्टम।

डिजीचालक आपका पूरा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर चलाता है — AI से स्कोर होने वाले ट्रैक टेस्ट, आधार से सत्यापित हाज़िरी, सिलेबस ट्रैकिंग और हर सरकारी फॉर्म — ताकि आपके ट्रेनी फॉर्म 5B पाएँ और RTO की ड्राइविंग टेस्ट लाइन से बच जाएँ।

  • फॉर्म 5B ऑटोमैटिक
  • आधार बायोमेट्रिक हाज़िरी
  • छेड़छाड़-रोधी वीडियो सबूत
  • हर वक़्त ऑडिट-रेडी
RFID ज़ोन सीक्वेंसिंगकैमरा + RTK-GNSS स्कोरिंगआधार बायोमेट्रिक गेटएक क्लिक में फॉर्म 5Bनियम 31J सिलेबस ट्रैकिंग85% हाज़िरी अनिवार्य5 साल का एविडेंस वॉल्टसारथी / VAHAN तैयारडिजिलॉकर डिलीवरीUPI भुगतानद्विभाषी थ्योरी इंजनराज्य प्राधिकरण पोर्टलRFID ज़ोन सीक्वेंसिंगकैमरा + RTK-GNSS स्कोरिंगआधार बायोमेट्रिक गेटएक क्लिक में फॉर्म 5Bनियम 31J सिलेबस ट्रैकिंग85% हाज़िरी अनिवार्य5 साल का एविडेंस वॉल्टसारथी / VAHAN तैयारडिजिलॉकर डिलीवरीUPI भुगतानद्विभाषी थ्योरी इंजनराज्य प्राधिकरण पोर्टल
एक प्लेटफ़ॉर्म · दो सफ़र

लाइसेंस की राह पर आप जो भी हों, रास्ता यहीं से जाता है।

डिजीचालक उन दो लोगों के लिए है जो भारत की सड़कों को सुरक्षित बनाते हैं: मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर चलाने वाला उद्यमी, और सही तरीके से लाइसेंस चाहने वाला लर्नर।

सेंटर मालिकों के लिए

ऐसा सेंटर चलाइए जो हर ऑडिट पास करे

मान्यता पाइए, कंप्लायंस में रहिए और एडमिशन बढ़ाइए। डिजीचालक मूल्यांकन, हाज़िरी, रिकॉर्ड और वह हर MoRTH फॉर्म ऑटोमैटिक कर देता है जो परिवहन प्राधिकरण कभी भी माँग सकता है।

  • ऑटोमैटिक ट्रैक मूल्यांकन — मैनुअल स्कोरिंग के झगड़े ख़त्म
  • फॉर्म 5B, 14 और 15 अपने-आप तैयार
  • अचानक निरीक्षण के लिए ऑडिट पैक हमेशा तैयार
  • हर गाड़ी और बैच का लाइव डैशबोर्ड
सेंटर प्लेटफ़ॉर्म देखें
लाइसेंस चाहने वालों के लिए

ढंग से सीखिए। RTO ड्राइविंग टेस्ट छोड़िए।

डिजीचालक से चलने वाले मान्यता प्राप्त सेंटर में ट्रेनिंग लीजिए, ऑटोमैटिक टेस्ट पास कीजिए, और फॉर्म 5B पाइए — वह सर्टिफिकेट जिससे RTO में ड्राइविंग टेस्ट माफ़ हो जाता है।

  • 29 घंटे का स्ट्रक्चर्ड कोर्स, सिम्युलेटर सेशन समेत
  • कैमरे से स्कोर होने वाला निष्पक्ष टेस्ट — कोई सिफ़ारिश नहीं
  • QR से सत्यापित होने वाला फॉर्म 5B सर्टिफिकेट
  • मोबाइल ऐप पर आपकी पूरी प्रगति
पूरा तरीका देखें
24+
ड्राइविंग स्किल हर टेस्ट में अपने-आप स्कोर
1,183
द्विभाषी थ्योरी प्रश्न, MoRTH के अनुरूप
5 साल
छेड़छाड़-रोधी, हैश-चेन टेस्ट एविडेंस
85%
हाज़िरी अनिवार्य — तभी टेस्ट अनलॉक होता है
पूरा सिस्टम

ADTC को जो-जो चाहिए, सब एक सिस्टम में

कैंडिडेट के रजिस्ट्रेशन से लेकर ऑडिटर के दरवाज़ा खटखटाने तक — नियमों की हर प्रक्रिया ऑटोमैटिक, लॉग्ड और दिखाने लायक तैयार।

AI ट्रैक मूल्यांकन

कैमरे, RTK-GNSS और RFID पाँचों अनिवार्य मैन्युवर — सर्पेंटाइन, 8-आकार, ग्रेडिएंट, रिवर्स-S और पैरेलल पार्किंग — सेंटीमीटर सटीकता से रियल-टाइम स्कोर करते हैं।

इन-कैबिन AI प्रॉक्टर

आधार से सत्यापित पहचान से लगातार फेस-मैच, साथ में सीटबेल्ट, फ़ोन-उपयोग और नक़ली कैंडिडेट की पहचान। जिसने ट्रेनिंग ली, उसी ने टेस्ट दिया — सबूत के साथ।

सरकारी फॉर्म ऑटोपायलट पर

पास होते ही फॉर्म 5B, फॉर्म 14 रजिस्टर, फॉर्म 15 डेली लॉग, 12A/13A फाइलिंग — बिना एक भी फोटोकॉपी के तैयार, साइन और सुरक्षित।

नियम 31J सिलेबस इंजन

हर थ्योरी घंटा, प्रैक्टिकल सेशन और सिम्युलेटर मॉड्यूल तय सिलेबस से मिलाकर ट्रैक होता है। घंटे सचमुच पूरे हों, तभी फॉर्म 5B खुलता है।

अदालत में टिकने वाला सबूत

हर टेस्ट का हैश-चेन वीडियो और टेलीमेट्री, पाँच साल तक सुरक्षित। QR से सत्यापित स्कोरशीट — 'मुझे जान-बूझकर फेल किया' वाला हर विवाद सेकंडों में ख़त्म।

इंडिया-स्टैक नेटिव

आधार बायोमेट्रिक हाज़िरी, सारथी/VAHAN लाइसेंस सत्यापन, डिजिलॉकर सर्टिफिकेट डिलीवरी, UPI फीस और WhatsApp अपडेट — पहले दिन से जुड़े हुए।

परीक्षा का मैदान

टेस्ट ट्रैक का हर मीटर, सेंसर की नज़र में

डिजीचालक ट्रैक सेंसर, कैमरे और गाड़ी की टेलीमेट्री को एक स्कोर में जोड़ता है। कैंडिडेट क्या चलाता है — और सिस्टम क्या देखता है, यह रहा।

  1. 1
    सर्पेंटाइन
    स्टीयरिंग की सफ़ाई, कर्ब से टक्कर नहीं
  2. 2
    8-आकार
    दोनों लूप में सटीक रास्ता
  3. 3
    ग्रेडिएंट होल्ड
    रोलबैक सेंटीमीटर तक मापा जाता है
  4. 4
    रिवर्स-S
    मिरर का उपयोग और रिवर्स पाथ विचलन
  5. 5
    पैरेलल पार्किंग
    अल्ट्रासोनिक से बे-सीमा की निगरानी
  6. गंभीर गलतियाँ — सीमा पार, रोलबैक, रेड-लाइट उल्लंघन, पहचान बेमेल — टेस्ट अपने-आप रोक देती हैं, ठीक वैसे ही जैसे MoRTH दिशानिर्देश कहते हैं।
लाइसेंस चाहने वालों के लिए

लर्नर लाइसेंस से ड्राइविंग लाइसेंस तक — बिना RTO टेस्ट

डिजीचालक से चलने वाले मान्यता प्राप्त सेंटर में ट्रेनिंग लीजिए — लाइसेंस का रास्ता छोटा, निष्पक्ष और पूरी तरह डिजिटल हो जाता है।

पूरी लर्नर गाइड पढ़ें
  1. 01

    मान्यता प्राप्त सेंटर में दाख़िला लें

    लर्नर लाइसेंस 30 दिन पुराना हो, फिर आधार के साथ डिजीचालक-संचालित ADTC में रजिस्टर करें। फीस UPI से; कोर्स शेड्यूल सीधे फ़ोन पर।
  2. 02

    तय सिलेबस पर ट्रेनिंग लें

    कार लाइसेंस के लिए 29 घंटे — थ्योरी क्लास, सिम्युलेटर सेशन और असली ट्रैक प्रैक्टिस — बायोमेट्रिक हाज़िरी के साथ, ताकि हर घंटा सच में गिना जाए।
  3. 03

    ऑटोमैटिक टेस्ट दें

    सेंसर लगे ट्रैक पर गाड़ी चलाइए। कैमरे और सेंसर निष्पक्ष स्कोर देते हैं — न परीक्षक का मूड, न सिफ़ारिश, सिर्फ़ आपकी ड्राइविंग।
  4. 04

    फॉर्म 5B पाइए, फिर लाइसेंस

    पास होते ही फॉर्म 5B तुरंत डिजिलॉकर में। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कीजिए — RTO का ड्राइविंग टेस्ट माफ़; RTO सिर्फ़ सत्यापित कर लाइसेंस जारी करता है।
सेंटर मालिकों के लिए

ऐसा डैशबोर्ड, जो परिवहन प्राधिकरण हर सेंटर में देखना चाहे

मान्यता सबूतों पर टिकी होती है। डिजीचालक आपके सबूत परफ़ेक्ट रखता है — और बैच, गाड़ियों व इंस्ट्रक्टरों की रोज़ की माथापच्ची घटा देता है।

  • सस्पेंशन-प्रूफ़: सिलेबस से भटकाव और हाज़िरी की कमी पहले ही रुक जाती है — ऑडिट में पकड़ी नहीं जाती
  • सरप्राइज़-ऑडिट पैक: हर रजिस्टर, लॉग और सर्टिफिकेट एक क्लिक में एक्सपोर्ट
  • ज़्यादा थ्रूपुट: ऑटोमैटिक टेस्ट यानी हर ट्रैक पर हर दिन ज़्यादा कैंडिडेट
  • भरोसा जो बिकता है: माता-पिता वही सेंटर चुनते हैं जहाँ नतीजे ख़रीदे नहीं जा सकते
सीधे जवाब

सबसे पहले पूछे जाने वाले सवाल

क्या सच में बिना RTO टेस्ट के ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकता है?
हाँ — पर एक ज़रूरी बात समझिए। सरकारी मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर (ADTC) में ट्रेनिंग लेकर उसका ऑटोमैटिक टेस्ट पास करने पर आपको फॉर्म 5B मिलता है। लाइसेंस के आवेदन पर RTO ड्राइविंग टेस्ट माफ़ कर देता है और उसी सर्टिफिकेट के आधार पर DL जारी करता है। आवेदन RTO में ही होता है; बस टेस्ट दोबारा नहीं देना पड़ता।
डिजीचालक असल में है क्या?
डिजीचालक वह सॉफ़्टवेयर और सेंसर प्लेटफ़ॉर्म है जिस पर मान्यता प्राप्त सेंटर चलता है: ऑटोमैटिक ट्रैक टेस्टिंग, आधार-सत्यापित हाज़िरी, सिलेबस ट्रैकिंग, सरकारी फॉर्म (5B, 14, 15), भुगतान और ऑडिट रिकॉर्ड — सब एक सिस्टम में।
क्या डिजीचालक सेंटर को मान्यता दिलाने में मदद करता है?
हाँ। नियम 31B की मान्यता चेकलिस्ट — बायोमेट्रिक हाज़िरी, रियल-टाइम मूल्यांकन, ऑनलाइन रिकॉर्ड, ई-पेमेंट — ठीक वही है जो डिजीचालक इंस्टॉल करता है। हम साइट सर्वे करते हैं, किट लगाते हैं और वे सबूत आपके हाथ में देते हैं जो राज्य परिवहन प्राधिकरण देखना चाहता है।
कौन-कौन सी गाड़ियाँ और लाइसेंस क्लास कवर होती हैं?
टू-व्हीलर, LMV (कार) और HMV (कमर्शियल) कोर्स — क्लास के हिसाब से सिलेबस घंटे, सिम्युलेटर मॉड्यूल और टेस्ट मैन्युवर, ठीक नियम 31J के मुताबिक़।

बेहतर ड्राइविंग की सड़क यहीं से शुरू होती है।

चाहे आप अगला शानदार ट्रेनिंग सेंटर बना रहे हों या अपनी पहली ड्राइविंग क्लास बुक कर रहे हों — डिजीचालक वही है, जैसा यह काम होना चाहिए।

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