पहले सेंसर से आख़िरी दस्तख़त तक
डिजीचालक एक अखंड सिस्टम है: ट्रैक पर हार्डवेयर, एज पर AI, क्लाउड में कंप्लायंस। हुड के नीचे क्या-क्या है — और हर चीज़ नियमों में क्यों ज़रूरी है, यहाँ देखिए।
आपका सेंटर किस पर चलता है
हर मैन्युवर पर सेंटीमीटर-सटीक स्कोरिंग
कैमरे और RTK-GNSS गाड़ी का सटीक रास्ता ट्रेस करते हैं, RFID ज़ोन की क्रम-व्यवस्था रखता है। पाँचों अनिवार्य मैन्युवर — सर्पेंटाइन, 8-आकार, ग्रेडिएंट, रिवर्स-S, पैरेलल पार्किंग — रियल-टाइम स्कोर होते हैं; गंभीर गलती पर टेस्ट अपने-आप रुक जाता है।
- लाइव ट्रैक मैप: हर गाड़ी की पोज़िशन, रफ़्तार और ज़ोन रियल-टाइम में
- विज़न + GNSS फ़्यूज़न — एक सेंसर बिगड़े तो भी स्कोरिंग जारी
- ग्रेडिएंट पर रोलबैक सेंटीमीटर तक मापा जाता है
- पार्किंग में अल्ट्रासोनिक बे-सीमा निगरानी
- ज़ोन-दर-ज़ोन वीडियो के साथ तुरंत स्कोरशीट
जिसने ट्रेनिंग ली, वही टेस्ट देता है
इन-कैबिन किट आधार-सत्यापित एनरोलमेंट से पहचान की लगातार पुष्टि करती है — लाइवनेस-जाँच वाला फेस मैच, साथ में सीटबेल्ट, फ़ोन-उपयोग और नक़ली कैंडिडेट की पहचान। सेंटर की गाड़ी हो या कैंडिडेट की अपनी — दोनों में चलती है।
- लगातार लाइवनेस-जाँच वाला फेस मैच
- पहचान बेमेल — टेस्ट अपने-आप समाप्त
- सीटबेल्ट और फ़ोन-उपयोग की पहचान
- किसी भी गाड़ी के लिए पोर्टेबल किट
नियम 31J — सॉफ़्टवेयर से लागू
हर थ्योरी घंटा, प्रैक्टिकल सेशन और सिम्युलेटर मॉड्यूल वाहन वर्ग के वैधानिक सिलेबस से मिलाकर ट्रैक होता है। 85% हाज़िरी और घंटा-पूर्णता की जाँच तय करती है कि टेस्ट — और फॉर्म 5B — कब अनलॉक हों।
- LMV 29 घं. · HMV 38 घं. · टू-व्हीलर सेशन ट्रैक
- सिम्युलेटर मॉड्यूल: बारिश, कोहरा, रात, पहाड़
- बायोमेट्रिक हाज़िरी से फॉर्म 15 डेली लॉग
- घंटे सच में पूरे न हों तो सर्टिफिकेट ब्लॉक
सरकारी काग़ज़ात, जो ख़ुद बनते हैं
पास होते ही फॉर्म 5B। फॉर्म 14 रजिस्टर लगातार मेंटेन। असली सेशन डेटा से फॉर्म 15। सबूतों समेत 12A/13A फाइलिंग तैयार। नियम 31F वाला पूरा ऑडिट पैक — छहों दस्तावेज़ — एक क्लिक में एक्सपोर्ट।
- QR-सत्यापित फॉर्म 5B, डिजिलॉकर डिलीवरी के साथ
- अर्धवार्षिक परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट अपने-आप
- नवीनीकरण अलर्ट 90/60/30 दिन पहले
- बीमा व इंस्ट्रक्टर योग्यता की एक्सपायरी ट्रैकिंग
लर्नर ऐप, जो आपके सेंटर की मार्केटिंग ख़ुद करता है
कैंडिडेट अपना शेड्यूल, घंटे, स्कोर और सर्टिफिकेट द्विभाषी मोबाइल ऐप में देखते हैं। फीस UPI से, तुरंत रसीद; हर पड़ाव पर WhatsApp अपडेट।
- द्विभाषी (हिंदी/अंग्रेज़ी) PWA — इंस्टॉल का झंझट नहीं
- लाइव सिलेबस प्रगति और अगले सेशन की याद
- आधिकारिक प्रश्न बैंक से थ्योरी प्रैक्टिस
- फॉर्म 5B अपने-आप डिजिलॉकर में
मालिक के लिए एक स्क्रीन; राज्य के लिए एक पोर्टल
मालिक हर गाड़ी, बैच और टेस्ट लाइव देखते हैं। मल्टी-सेंटर ऑपरेटर साइटों की तुलना करते हैं। राज्य परिवहन प्राधिकरण को कंप्लायंस स्कोर, ऑडिट ट्रेल और शिकायत-निवारण योग्य वीडियो सबूत वाला पोर्टल मिलता है।
- ज़ोन-दर-ज़ोन स्थिति के साथ लाइव टेस्ट मॉनिटर
- उपयोग, पास-रेट और आमदनी की एनालिटिक्स
- ऑपरेटरों व प्राधिकरणों के लिए मल्टी-सेंटर स्कोरबोर्ड
- हर ओवरराइड — कारण और दस्तख़त के साथ लॉग
एज-फ़र्स्ट — क्योंकि भारतीय इंटरनेट ज़मीनी सच है
टेस्ट ब्रॉडबैंड कटने का इंतज़ार नहीं कर सकता। डिजीचालक की बनावट मानकर चलती है कि नेटवर्क जाएगा — और स्कोरिंग फिर भी चलती रहती है।
सेंटर पर (एज)
एक मज़बूत एज यूनिट सब कुछ लोकली चलाती है:
- सेंसर एग्रीगेशन: RFID, IR, अल्ट्रासोनिक, बैरियर
- कैमरा AI: ट्रैजेक्टरी + इन-कैबिन प्रॉक्टरिंग
- लोकल स्कोरिंग इंजन — फ़ैसले रियल-टाइम
- सबूत के हर बाइट के लिए स्टोर-एंड-फ़ॉरवर्ड कतार
क्लाउड में
मल्टी-टेनेंट प्लेटफ़ॉर्म रिकॉर्ड को पक्का रखता है:
- कैंडिडेट, सेशन और मूल्यांकन का सिस्टम ऑफ़ रिकॉर्ड
- एविडेंस वॉल्ट: हैश-चेन वीडियो + टेलीमेट्री, 5 साल
- फॉर्म, रिपोर्ट और ऑडिट पैक जनरेशन
- मालिकों, ऑपरेटरों और प्राधिकरणों के डैशबोर्ड
कनेक्टिविटी गई? टेस्ट चलते रहते हैं, सबूत लोकल कतार में जुड़ते हैं, और लाइन लौटते ही सब कुछ — क्रम से, सत्यापन योग्य — सिंक हो जाता है।
उन्हीं सिस्टमों से जुड़ा, जो मायने रखते हैं
डिजीचालक उन्हीं सरकारी और पेमेंट रेल से बात करता है जिन पर आपका सेंटर पहले से निर्भर है।
एविडेंस-ग्रेड, डिफ़ॉल्ट से
टेस्ट का नतीजा एक क़ानूनी दस्तावेज़ है। हम उसे वैसे ही सँभालते हैं।
छेड़छाड़ पकड़ने वाला सबूत
वीडियो और टेलीमेट्री एज पर ही हैश-चेन और साइन होते हैं; कोई भी बदलाव गणितीय रूप से पकड़ में आता है।
DPDP-अनुरूप निजता
निजी डेटा स्टोरेज और ट्रांज़िट दोनों में एन्क्रिप्टेड, एक्सेस-लॉग्ड, क़ानून के मुताबिक़ संरक्षित (ट्रेनिंग रिकॉर्ड 5 साल) और अनुमति पर मिटाने योग्य।
भूमिका-आधारित एक्सेस
मालिक, इंस्ट्रक्टर, मूल्यांकनकर्ता और प्राधिकरण — हर कोई उतना ही देखता है जितना उसकी भूमिका कहती है; हर संवेदनशील कार्रवाई ऑडिट-ट्रेल में।
सत्यापन योग्य आउटपुट
स्कोरशीट और फॉर्म 5B पर QR कोड जारी रिकॉर्ड से मिलान करते हैं — नक़ल पहले ही स्कैन में मर जाती है।
पूरी मशीन एक डेमो में देखिए
तीस मिनट: लाइव डैशबोर्ड, स्कोर हुए टेस्ट का रीप्ले, और वह कंप्लायंस पैक जो आपके प्राधिकरण को मिलेगा। सवाल साथ लाइए।